जिन्दगी भी एक इत्तेफाक है,हर लम्हा खास है
चाहत यही है लम्हा यही रूक जाए तेरे मेरे बिच
ना कोई फासला हो और ना ही कोई कशिश
बस इस एक लम्हे में हम अपनी पूरी सदिया बीता de युही
खवाब था जिन्दगी का हर लम्हा जिए साथ तेरे
बिन तेरे जीना तो हमने सोचा ही नहीं था
पर जिन्दगी ने कुछ ऐसे रुख badlaa aaj हम जिन्दगी के
us मुकाम पे है जहा साथ होकर भी साथ नहीं
और जो साथ रह गया वो बस एक एहसास ही है
